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शादी के सात फेरे / सप्त वचन पर बनाई हुई हिंदी कविता Poem on Saat Phere / Saat Vachan / Sapt padi of Hindu Marriage

October 31, 2018 2 Comments
भारतीय संस्कृति के हर परंपरा का रंग सुहावना है। चाहे कोई भी कार्य हो या दस्तूर हो; हर कार्य, दस्तूर अनुशासन के साथ मंत्र उच्चारणा के साथ होता है। जैसे विवाह के शुभ प्रसंग पर सात फेरे निभाने की परंपरा है। यह सात फेरे, सात वचनों से प्रतिबद्ध है। सात वचन देकर एक वधू आश्वस्त हो जाती है, किसी को अपना हमसफर बनाने के लिए। तो चलिए, आज मैं आप सभी के साथ शेयर कर रही हूं, सात फेरों पर बनाई हुई हिंदी कविता ; जो हर सप्त वचनों को दर्शा रही है....

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शादी के सात फेरे / सप्त वचन पर बनाई हुई हिंदी कविता

Poem on Saat Phere / Saat Vachan / Sapt padi of Hindu Marriage


वधू मांग रही है अब सात पदों का साथ
सात वचन दोगे मुझे तो बनेगी कुछ बात
तीर्थ यात्रा में जाओ तो मुझे भी साथ ले जाना
मेरे माता-पिता का सम्मान हमेशा करना
जीवन के तीनो अवस्थाओं में मुझे है संभालना
परिवार के सभी आवश्यकताओं का दायित्व निभाना
घर के हर कार्य, लेन-देन  में लेना मेरी मंत्रणा
सप्तव्यसनों से अपने आपको दूर ही रखना
परस्त्री रहेंगी आपके लिए माता के समान
स्वीकार हो सात वचन तो अर्धांगिनी बनूँगी प्राण नाथ।

दोस्तों ! आशा है, सात फेरे / सात वचनों पर बनाई हुई हिंदी कविता आप सभी को पसंद आई होगी। विवाह के बंधन में बंधने वालों को  सप्त वचनों के बारे में इस कविता के माध्यम से जानकारी मिल जाएगी। और हमें भी यह कविता सात वचनों की याद दिलाती है, जो हमने हमारे जीवनसाथी से लिए थे। भारतीय संस्कृति की हर बात निराली है। इस परंपरा को सप्त वचनों के द्वारा हर एक लाइन में कवर करने का मैंने प्रयास किया है। अगर आपको यह कविता पसंद आई होगी तो हमें कमेंट करके अपने दोस्तों के साथ भी इसे जरूर शेयर करें।


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उत्तम क्षमा पर हिंदी कविता Hindi Poem on Uttam Kshama

September 14, 2018 Add Comment
मेरे सभी साधर्मी भाई बहनों को जय जिनेंद्र। उत्तम क्षमा / क्षमापना का अनुपम अवसर आया है। हम सभी भगवान महावीर के अनुयायी हैं। हमें भगवान ने जियो और जीने दो, अहिंसा परमो धर्म,  क्षमा वीरस्य भूषणम् आदि संदेश दिए हैं। क्षमा जैन धर्म का सबसे बड़ा हथियार है। जिससे हम हमारे राग द्वेष रूपी कषायों को कम कर सकते हैं। जिंदगी का निर्वाह करते समय हमसे जानते-अजानते गलतियां हो जाती है। लेकिन क्षमा मांगने एवं क्षमा करने से हमारी आत्मा निर्मल पावन बनती है। तो चलिए, आज मैं आप सभी के साथ उत्तम क्षमा / क्षमापना पर बनाई हुई हिंदी कविता शेयर कर रही हूं...

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उत्तम क्षमा पर हिंदी कविता

Hindi Poem on Kshamapana / Uttam Kshama


 उत्तम क्षमा का आया है अनुपम मौका
 जिसने हमारे क्रोधादि कषायों को रोका
गत दिनों में हुई भूलों का करना है स्मरण
क्षमायाचना, क्षमादान से ही तो होगी आत्मा पावन 
जाने अनजाने में हो जाती हैं मन में गलतियां
छल-कपट, अज्ञानता से बन जाती है मन में भ्रांतियां
 अनंत काल के संस्कारों से होता है मन 
सरलता से मन को समझाने से क्षीण हो जाता है कर्मरूपी बाण
"क्षमा वीरस्य भूषणम्" हैं जैन धर्म का संदेश
कभी कोई प्रसंग पाकर आ जाता मन में आवेश
किए हुए कर्मों का करना पड़ेगा भुगतान
मनुज इसलिए तू अपने आत्म स्वरूप को 
क्षमा मांगकर अपनी भूलों को करो स्वीकार
क्षमा दान देकर ही तो होंगी आत्मा भव पार।

दोस्तों ! आशा है, उत्तम क्षमा  पर बनाई हुई यह कविता आपको पसंद आई होगी। क्षमापना की महत्ता को समझाने वाली यह कविता सभी धर्मावलंबी के साथ शेयर करें। ताकि भगवान महावीर का अनुपम संदेश सभी लोगों तक पहुंचे। रूपमय वेबसाइट के सभी पाठकों से मैं  क्षमा मांगती हूं। जय जिनेन्द्र !

 अवश्य पढ़े :- उत्तम क्षमा पर शायरी 
                       जैन धर्म पर कविता 
                       तपस्या पर स्लोगन  
                       जैन संत पर स्पीच

राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज पर हिंदी कविता Hindi Poem on Rashtra sant Tarunsagarji Maharaj

September 01, 2018 2 Comments
जैन राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज का देवलोक गमन हो गया। उनकी अमृतवाणी सभी के दिल में हमेशा हमेशा के लिए बस गई हैं। भगवान महावीर की वाणी को जन जन तक पहुंचाने का उन्होंने अथक प्रयास किया । राष्ट्र संत तरुण सागर जी महाराज को अपने काव्य पंक्तियों के द्वारा श्रद्धांजलि अर्पण करते हैं।

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राष्ट्रसंत तरुण सागर जी महाराज पर हिंदी कविता

Hindi Poem on Rashtra sant Tarunsagarji Maharaj


जिन के विशाल ह्रदय में था ज्ञान का अप्रतिम खजाना
ऐसे गुरुदेव के पावन चरण कमलों में शत शत वंदना 
धन्य है पिता प्रतापचंद, माता शांताबाई
जिनके जीवन में खुशी की पताका थी लहराई
सभी धर्म के लोग थे आपकी आंखों के नैन
आप की मधुर वाणी सुने बिना मिलता नहीं था चैन 

आपने हमें अहिंसा के पथ पर चलना है सिखाया
 कांटों भरी राहों में मुस्कुराते जीना है सिखाया
आपका शांत प्रसन्नचित चेहरा हमें लगता था अपना सा
जिसे देख कर भूल जाते थे हमारे दुख भरी दास्तां 

कितनों ने हीं बुराईयां त्याग दी आपके कटु वचनों से 
शत् प्रतिशत सत्यता प्रतीत होती थी आपकी वाणी से
 सोच की गहराई में डूब जाती थी मैं जनसमुदाय देखकर
दिल से तब जवाब आता था जैन के ही नहीं जन जन के हे गुरुवर
आपका आशीर्वाद सभी को निरंतर मिलता रहे
कृपा दृष्टि सब पर आपकी सदा बनी रहे।

दोस्तों ! तरुण सागर जी महाराज का जीवन बहुत ही विशाल था। उनके कटु वचनों के पीछे संस्कार, सौम्यता के जो भाव थे, वह सबके हृदय पटल पर हमेशा छाए रहेंगे। आपकी वाणी मे हमेशा जन-जन का हित था। आपकी दिव्य वाणी अच्छा जीवन जीने के लिए हर व्यक्ति को सदेव प्रेरित करती रहेगी।


पर्युषण पर्व / संवत्सरी पर्व पर हिंदी कविता Hindi Poem on Paryushan / Sanvasari Parva

August 14, 2018 7 Comments
मेरे सभी साधर्मी  भाई-बहनों को  मेरा जय जिनेंद्र। पर्युषण महापर्व जैन धर्म का सबसे बड़ा पर्व होता है। यह एक ऐसा पावनकारी पर्व है, जिसके पुनीत आगमन से मानव की सुप्त शक्तियां जागृत बनती है। वर्ष भर कुछ न करनेवाले भी इस पर्व के आगमन से पावन बनते हैं। पर्युषण आत्मा को पाप से उस पार पहुंचाने वाला पावन पर्व है। पाप के पूंजी को नष्ट करने के लिए हमें इस पर्व की आराधना करनी चाहिए। तो चलिए, आज मैं आपके साथ पर्युषण / संवत्सरी पर्व पर बनाई हुई मेरी स्वरचित कविता शेयर करना चाहती हूं।

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पर्युषण पर्व / संवत्सरी पर्व पर हिंदी कविता

Hindi Poem on Paryushan / Sanvasari Parva

संवत्सरी पर्व की महिमा है अपरंपार
ले जाती है वह हमें मुक्ति के द्वार
ध्येय है संवत्सरी का क्षमा का आदान प्रदान करना
 स्नेह और प्रेम का बहता रहे जीवन रूपी झरना
कलह कषायों को हमें दिल से हैं मिटाना
क्षमा के दिव्य प्रकाश से आत्मा को आलोकित हैं करना
जाने अनजाने में हुई भूलों को हमें याद हैं रखना
 प्रायश्चित लेकर उन गलतियों को कभी ना दोहराना
 याद कीजिये  आज चंदनबाला मृगावती को
क्षमा से ही तो पाया था उन्होंने केवल ज्ञान को
आत्मा से अज्ञान के अंधकार को हैं मिटाना
ज्ञान रुपी प्रकाश जीवन भर फैलाना
संवत्सरी पर्व पर करते हैं सब को खमत खामना
मोक्ष महल ही मिले सबको यही है मंगल भावना।

दोस्तों ! आशा है, पर्युषण / संवत्सरी पर्व पर बनाई हुई मेरी या हिंदी कविता आप सभी को बेहद पसंद आई होगी। पर्युषण महापर्व पर हिंदी स्पीच, तपस्या पर हिंदी स्पीच, जैन नाटिका आदि कई सारे जैन आर्टिकल्स पढ़ने के लिए आप रूपमय वेबसाइट पर जरूर विजिट करते रहे। पर्युषण पर्व की आपको ढेर सारी शुभकामनाएं!

स्वतंत्रता दिन / 15 अगस्त 2024 पर हिंदी कविता Best Hindi Poem on Independence Day / 15th August 2024

August 11, 2018 4 Comments
भारत देश को आजाद करने में न जाने कितने शूरवीरों ने अपना बलिदान दिया।  तब कहा हमें आजादी मिली। स्वतंत्रता दिन पर अपने काव्य पंक्तियों के द्वारा आपको शुभकामनाएं देती हूं। आज मैं आप सभी के साथ स्वतंत्रता दिन पर बनाई हुई हिंदी कविता शेयर कर रही हूं।

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स्वतंत्रता दिन / 15 अगस्त 2024 पर हिंदी कविता

Best Hindi Poem on Independence Day / 15th August 2024


गांधी, चंद्रशेखर, सुभाषचंद्र थे हमारे देश के रतन 
अपनी जान गवा कर आजाद किया वतन
निडरता से किया फिरंगियों का सामना
स्वीकार ना किया दुश्मनों से हारना
किसी ने थामा ढ़ाल, किसी ने अहिंसा का वार
माथा टेक अंग्रेज तो हो गए आर-पार
झांसी की रानी, सरोजिनी नायडू, सावित्रीबाई थी वो मर्दानी
नहीं चलने दी उन्होंने दुश्मनों की मनमानी
उनके लहू के बलिदान से मिली हमें स्वतंत्रता
पर क्या भूल रहे हैं हम आजादी की महत्ता
अपनी जान न्योछावर करने वाले थे वे वीर
कुछ नेता अब कर रहे हैं देश का नीर
जो ना हिंदुस्तान के साथ करेगा वफादारी
उखाड़ फेंकेगा यह देश उनकी गद्दारी
गर स्वयं हम करेंगे देश के लिए समर्पण
भारत मां के चरणों में अपना जीवन अर्पण
बदलेगा यह देश, बदलेगा इतिहास
इमानदारी से ही होगा हमारे देश का विकास
आजादी का जश्न हम ऐसा मनाएंगे
एकता का बिगुल संग मिलकर बजाएंगे
सार्थक होगा देना फिर आजादी की बधाई
घर-आंगन-देश में हमारे खुशियां हैं छाई।

मेरे प्यारे देशवासियों! आशा है, स्वतंत्रता दिन / 15 अगस्त पर बनाई हुई मेरी यह हिंदी कविता आप सभी को पसंद आई होंगी। स्वतंत्रता दिन पर बनाई हुई हिंदी शेरो शायरी की लिंक भी मैं आपसे शेयर कर रही हूं, कृपया इसे भी पढ़ें एवं अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें।

अवश्य पढ़े :- गणतंत्र  दिन पर हिंदी कविता 
                      स्वतंत्रता दिन पर हिंदी शायरी  
                     शहीदों पर बनाई हिंदी कविता 
                      गणतंत्र दिन पर हिंदी शेरो शायरी 
                        भ्रष्टाचार पर हिंदी कविता

रक्षाबंधन पर हिंदी कविता Hindi Poem on Rakshabandhan

August 10, 2018 Add Comment
भाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन का त्यौहार है। जिस का हम बेसब्री से इंतजार करते हैं। रेशम की डोर बांध कर बहनें अपना प्यार जताती हैं और भाई के लंबे और खुशहाल उम्र की दुआएं मांगती है। तो भाई भी उम्र भर अपनी बहन की रक्षा करने का वादा अपने बहन को देता है। खुश नसीब होते हैं वह भाई और बहनें जिन्हें यह अनूठा रिश्ता निभाने का अवसर मिलता है। भाई बहन का रिश्ता बहुत ही साझा, प्यारा, खठ्टा~मिठ्टा होता है।

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रक्षाबंधन पर हिंदी कविता

Hindi Poem on Rakshabandhan


रक्षाबंधन आया है ढेर सारी खुशियां लेकर
भाई~बहन के प्यार की सौगात लेकर
बचपन में वह कभी रूठना कभी मनाना
एक दूजे के चीजों पर अपना हक जताना
दोनों के बीच की वह प्यार भरी शरारत
एक दूजे को छेड़े बिना मिलती नहीं राहत
सबसे अनोखा रिश्ता होता है भाई बहन का
हंसी मस्ती में जीवन भर साथ निभाने का
छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करते रहना
एक दूजे से जुदा होकर मुश्किल है रहना
भाई के कलाई पर बांधी जो सुनहरी डोर
प्यार भरा तोहफा लेने हुई जो नोकझोंक
बहन की रक्षा करना है भाई का धर्म
भारतीय संस्कृति में भी सिखाया है यही मर्म 
 खट्टी मीठी यादों का दिल है बस जाना
बहन से बिछड़ने के बाद मिलने तरस जाना
भाई करता है बहन की रक्षा उम्र भर
आने नहीं देता कोई आंच उस पर
नहीं लगे इस रिश्ते को किसी की नजर
इतिहास के स्वर्णिम पन्नों पर रहे अजरामर।

दोस्तों !आशा है, रक्षाबंधन पर बनाई हुई मेरी यह  स्वरचित कविता आप सभी को बेहद पसंद आई होगी। आप यह कविता अपने भाई या बहन को डेडिकेट करके उनका दिन अप्रतिम बना दें। ताकि आपकी भावनाएं उनके दिल तक पहुंच सके।

सहयोगी / मददगार / मदद करने वाले व्यक्ति पर हिंदी कविता Thanks Giving Poem for Helpful Person

May 04, 2018 Add Comment
जिंदगी की इस दोराहों में कुछ लोग हमें ऐसे मिलते हैं, जो  हमें उस वक्त मदद करते हैं, जब हमें किसी की मदद की बहुत जरूरत होती है। ऐसे लोग हमेशा हमेशा के लिए हमारे मन में अंकित हो जाते हैं। क्योंकि उनकी मदद से  हमें हमारी जिंदगी की नई दिशा मिलती है। जी हां, यह कविता बनाई है दिल्ली के एकबाल अंकल पर। जिन्होंने दिल्ली जैसे शहर में हमारी मदद कर हमें दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचाया था। और उन्हीं की वजह से हमें ट्रेन मिल पाई थी। अगर उस दिन हमें ट्रेन नहीं मिलती थी तो हमारे सफर का सारा प्लानिंग चौपट हो जाता था। यह कविता आप भी ऐसे व्यक्ति को समर्पित कर सकते हैं, जिन्होंने जिंदगी में कभी ना कभी आपकी मदद कर आपका हौसला बढ़ाया है।
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सहयोगी / मददगार / मदद करने वाले व्यक्ति पर हिंदी कविता 

Thanks Giving Poem for Helpful Person


जिंदगी की राहों में मिलते हैं कुछ अनजाने
पर कुछ लम्हों में ही हो जाते हैं जाने पहचाने
कहते हैं अच्छे लोग से ही दुनिया है चलती
यह कहावत तो बस आप पर ही है जचति
परायों की भी मदद करने में जो रहते हैं अग्रसर
ऐसे लोगों का उपकार नहीं चुका सकते उम्र भर
साथ दिया है आपने हमें मुश्किल घड़ियों में
भूल नहीं पाएंगे आपको जीवन की डगर में
आप जैसे लोगों से ही तो है भारत देश की शान
 इंसानियत के लिए जो लुटा सकते हैं अपनी जान।

दोस्तों! आशा है, सहयोगी एवं मदद करने वाले व्यक्ति पर बनाइ हुइ मेरी यह हिंदी कविता आपको जरूर पसंद आई होंगी। उपकारी के उपकारों को हमेशा जताकर उनके उपकारों को कभी भूलना नहीं चाहिए। क्योंकि जब हमें जरूरत होती हैं, ऐसे वक्त अगर कोई हमारी मदद करता है तो वह इंसान इंसानियत का पाठ हमें सिखा देता है। हर किसी को कभी ना कभी ऐसा इंसान जरूर मिलता है जो मुसीबत के समय उस मुसीबत से हमें उभारता है। आपके जिंदगी में भी ऐसा ही अगर कोई इंसान हो तो उसे यह काव्य पंक्तियां डेडिकेट करें, ताकि उसे भी यह महसूस हो कि उसने एक अच्छा कार्य किया है।

दादाजी / दादासा के जन्मदिन पर हिंदी कविता Hindi Poem for Grandpa's Birthday

May 03, 2018 7 Comments
दादाजी / दादासा  हमारे जीवन के कल्पवृक्ष ! जो हमारे परिवार की बुनियाद होते हैं। जिनसे हमारे घर की शोभा है। वह हमारे घर की शान होते हैं। अपने अनुभव से  वह हमारी  मुश्किलों को चुटकीयों मे सुलझा देते हैं। उन्हें  अपने पोता-पोती से बहुत ही लगाव होता है। ऐसे प्यारे दादाजी के जन्मदिन पर  बनाई हुई मेरी स्वरचित कविता आप सभी के साथ शेयर कर रही हूँ...


दादाजी / दादासा के जन्मदिन पर हिंदी कविता

Hindi Poem for Grandpa's Birthday


हमारे जीवन के हो आप आदर्श व्यक्तिमत्व
जिनके बिना नहीं हैं हमारा कोई अस्तित्व
हर क्षण मिलता रहा है हमें आपका लाड प्यार
कैसे भूल सकते हैं आप का प्यार भरा दुलार
आप के रूप में दिया है भगवान ने हमें वरदान
सदैव ऊंचा रहेगा जीवन में आपका स्थान
कांटों भरी राहों में हमें मुस्कुराना है सिखाया
गम भरे पलों में भी हमने आपका साथ है पाया
लक्ष्य की ओर हमारा ध्यान केंद्रित है करते
अपने अनुभव सुनाकर जीवन के गुढ़ सिखा देते 
अथक प्रयास और प्रामाणिकता हे आपका आभूषण
 समाज परिवार के लिए किया है सारा जीवन अर्पण
 दुखों के बादलों का किया है डटकर सामना
जीवन में बहता रहा है सरस्वती का झरना
तिल तिल जमा करके ख्वाबों का महल हैं बनाया
स्नेह और प्रेम का जहां जलता है दिया
उपकारों का मोल नहीं चुका सकते हम उम्र भर
आप के संस्कारों की पूंजी समेट कर रखेंगे जिंदगी भर
भगवान के चरणों में करते यही प्रार्थना
स्वस्थ चिरायु आयुष्य मिले यही है मंगल कामना।

दोस्तों ! यकीनन यह कविता पढ़कर आपको लगेगा मानो यह कविता हमने आपके दादाजी के लिए ही बनाई है। वाकई में सबके  दादाजी होते ही इतने प्यारे! इस प्यार भरी कविता को अपने दादाजी को समर्पित करें। ताकि उन्हें आपके स्नेह और प्यार का एहसास हो और उनके चेहरे पर एक प्यार भरी मुस्कान आ जाए।

महिलाओं पर बनाई हुई हिंदी कविता "आज की नारी" Hindi Poem for Women "Aaj ki Naaree"

May 01, 2018 2 Comments
नारी कुदरत की देन है। जिसके बिना हमारा जीवन अधूरा है। आज नारी ने हर क्षेत्र में अपनी कामयाबी का परचम लहराया है। सामाजिक क्षेत्र में भी नारियाँ पीछे नहीं रही है जैसे टेरेसा, एनी बेसेंट, सरोजिनी नायडू आदि अनेक महिला अपनी शक्ति की पहचान कराकर प्रकाश पथ की पथिक बनी। नारी की महिमा असीम है। नारी में शक्ति का अगाध भंडार हैं , आवश्यकता है उसे पहचानने की , जागृत करने की । नारी की कथा एवं व्यथा व्यक्त करने वाली मेरी स्वरचित कविता आप सभी के साथ शेयर कर रही हूं...



महिलाओं पर बनाई हुई हिंदी कविता "आज की नारी"

Hindi Poem for Women "Aaj ki Naaree"

कहते हैं नारी के जीवन की है दुख भरी कहानी
आंखों में रहता है हमेशा पानी ही पानी
पर अब हमें हमारे जीवन को बदलना है
अपने न्याय और हक के लिए हरसंभव लड़ना है
क्यों हमारी पहचान पिता और पति से है
ईश्वर ने हम में क्या दी कोई कमी है ?
कानून ने भी दिए हैं हमें बहुत सारे अधिकार
सुंदर जीवन जीने के लिए लेना चाहिए इसका आधार 
जिजामाता, झांसी की रानी, इंदिरा गांधी, सावित्रीबाई 
इन्हीं की बदौलत नारी जीवन में जागरूकता आई
क्यों भ्रृण हत्या का चक्कर सिर पर मंडरा रहा है
नारीयाँ ही नारी की क्यों  दुश्मन बन रही है
एक दूजे से यह वादा करते हैं हम अभी
भ्रूण हत्या में अपना योगदान देंगे नहीं कभी
अगर हमारे मां बाप ने भी भ्रूण हत्या की होती
तो हमारे जीवन की ज्योति कब की बुझ गई होती
हिम्मत लगन से हमें निभाना है उत्तरदायित्व
हर हाल में पाना है अपना एक अस्तित्व
नहीं कोई कह सकता अब हमें अबला नारी
उन्नति के पथ पर बढ़ेगी हमारे जीवन सवारी

दोस्तों ! महिला/ नारी पर बनाई हुई यह हिंदी कविता आप सभी को पसंद आई होंगी। नारी शक्ति की महत्ता बताने वाली यह हिंदी कविता आप सभी नारी शक्ति को समर्पित करें। ताकि उन्हें जिंदगी जीने की नई राह और चाह मिले।

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दोस्ती / दोस्त /मित्र / मित्रता / फ्रेंडशिप डे / मित्रता दिवस 7 अगस्त 2022 पर कविता पर हिंदी कविता Best Hindi Poem For Friends / Friendship / Friendship Day 7th August 2022

April 28, 2018 3 Comments
जिंदगी में अगर सबसे खूबसूरत कोई रिश्ता होगा तो वह है, दोस्ती का...  यह रिश्ता किसी भी अपने, पराए, बेगाने के साथ जुड़ सकता है।  जिसमें कोई उम्र का भी भेद नहीं होता। यह रिश्ता हमारी दुनिया को रंगीन बना देता है। जिसके सामने हमारी जिंदगी एक खुली किताब की तरह होती है। जो हमें सही दिशा दिखाता है। हमारी कोई गलती भी हो तो वह हमें अकेले में बताता है। हमेशा समाज में हमारा  सम्मान बढ़ाता है। ऐसी प्यारी दोस्त पर बनाई हुई काव्य पंक्तियाँ आपसे शेयर कर रही हूँ....

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दोस्ती / दोस्त /मित्र / मित्रता पर हिंदी कविता

Best Hindi Poem For Friends / Friendship

कुछ रिश्ते होते हैं बहुत अनमोल
जिनका नहीं होता है कोई तोल मोल
उन्ही में से एक रिश्ता है दोस्ती
जिसे पाने तरसती है हर हस्ती
दोस्त जिंदगी में आते हैं पराए बनकर
दिल में बस जाते हैं अपने बनकर
सुखों में हमारा आनंद दुगना कर देते
दुखों में चट्टानों की तरह हौसला बढ़ा देते
हमारे आंखों के आंसू वह नहीं देख पाते
एक प्यारी मुस्कान के लिए जी जान लगा देते
दोस्त कदम कदम पर हमारे साथ हैं चलते
हमें नई दिशा की पहचान करा देते
इस रिश्ते में नहीं होता कोई जातिभेद
एक दूजे के लिए नहीं रहता कोई खेद
प्रेम और विश्वास ही आधार है दोस्ती का
जीवन के किसी भी मोड़ पर साथ निभाने का
सच्ची दोस्ती रहती है मिसाल बनकर
याद रखते हैं लोग इसे जिंदगी भर
दोस्ती की छटाएं लाती है जीवन में सवेरा
मिट जाता है सारे जीवन का अंधेरा
खुश नसीब है वह जिनके सच्चे दोस्त हैं होते
फूलों की खुशबू की तरह जीवन महका देते
दोस्ती सिखाती है जीने की नहीं राह
जगा देती है हमें सब कुछ करने की चाह
दो दिलों को जोड़ती है यह दोस्ती
खुदा का नायाब तोहफा है यह दोस्ती

दोस्तों ! दोस्ती के कई रंग आपने इस कविता के माध्यम से देखे। आशा है, आप को दोस्त / दोस्ती पर बनाई हुई यह कविता जरूर पसंद आई होंगी। अपने दोस्तों के साथ इस कविता को शेयर करके अपनी मन की भावनाएं व्यक्त करें। ताकि आप दोनों को नाज हो  कि आपने कितने अच्छे दोस्त को पाया है।

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अंकल / चाचा / काका के जन्मदिन पर हिंदी कविता Hindi Poem for Uncle's Birthday

April 27, 2018 Add Comment
घर के हर रिश्ते में प्यार छुपा होता है। हर रिश्ता हमारे लिए एक अलग-अलग अहमियत रखता है। मेरे लिए मेरे अंकल मेरे पिता समान ही है। क्योंकि पिताजी जाने के बाद उन्होंने हम सभी भाई बहनों को पिता की कमी महसूस नहीं होने दी। हर समय हमारी हर इच्छाओं को पूरा करने का प्रयास किया और हमारी खुशियों को दुगना किया। ऐसे प्यारे अंकल का शुक्रिया तो शब्दों में बयां करना मुश्किल है, फिर भी काव्य पंक्तियों के द्वारा अपने मन के भाव प्यारे अंकल को समर्पित करते हैं...

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अंकल / चाचा / काका के जन्मदिन पर हिंदी कविता

Hindi Poem for Uncle's Birthday


बड़े एवं छोटे के प्रति आपकी है विनम्रता
जीवन में समाई है आपकी बहुत ही सरलता
वक्तृत्वता, समाज सेवा, आत्मीयता है आपका आभूषण
प्रामाणिकता से किया है बागरेचा परिवार का नाम रोशन
हर पल किया है जिंदगी में संघर्षों का सामना
पर स्वीकार नहीं किया आपने जिंदगी से हारना 
महसूस नहीं होने देते कभी आप पिता की कमी
नहीं आने देते आप हमारे आंखों में कोई नमी
मुश्किल हैं चुकाना आपके उपकारों का भार
डाल देते हैं झोली में सबके खुशियों का हार
मान सम्मान यश की आप पर होती रहे बरसात
गुरु भगवंतों का मिलता रहे आपको जीवन भर साथ 
नाम की तरह आप शिखर के पथ पर चढ़ते रहे
जिंदगी में आप हर मंजिल को पाते रहे
यह जन्मदिन लाए आपके जीवन में खुशियां
हम सभी की तरफ से बधाइयां बधाइयां।

दोस्तों ! आशा है, प्यारे अंकल / चाचा / काका पर बनाई हुई यह हिंदी कविता आप सभी को बेहद पसंद आई होगी। आप भी अपने अंकल को इस कविता के माध्यम से अपने दिल के जज्बातों को बयां करें। उनके लिए यह सबसे हसीन तोहफा होगा। अगर आपको यह कविता पसंद आई होगी तो इस कविता को लाइक करके कमेंट देना ना भूलें।


शादी के पच्चीसवीं वर्षगांठ / सालगिरह पर बनाई हुई हिंदी कविता Hindi Poem on 25th Wedding / Marriage Anniversary

April 09, 2018 Add Comment
शादी  एक बहुत ही प्यारा रिश्ता है। जहां पर दो अनजाने  एक दूजे का हाथ थाम कर हमेशा हमेशा के लिए एक हो जाते हैं।  सपने संवारते, सजाते हुए पल,  महिने, वर्ष कब बीत जाते हैं, पता ही नहीं चलता। स्नेह, प्यार  एवं  विश्वास के अनूठे  डोर में  बंधा हुआ यह रिश्ता एक पौधे की तरह पल्लवित होकर वृक्ष में उसका रुपातंर हो जाता है। इस रिश्ते को बयां करने वाली पच्चीसवीं शादी की वर्षगांठ / सालगिरह पर बनाई हुई हिंदी कविता आप सभी के साथ शेयर कर रही हूँ.....

शादी के पच्चीसवीं वर्षगांठ / सालगिरह पर बनाई हुई हिंदी कविता

Hindi Poem on 25th Wedding / Marriage Anniversary

एक दूजे के साथ बिताए पच्चीस वर्ष
आपको बधाई देते मन में हो रहा है हर्ष
शुरू की जिंदगी बन कर अनजाने
धीरे-धीरे हो गए जाने पहचाने
अक्षय और अंकित का मिला साथ
थामे रखना हमेशा एक दूजे का हाथ 
अनूठा है आपका जीने का अंदाज
खुशियों के दामन में छलकता रहे सांझ
खुशी और गम का होता रहा सामना
पर साकार करते रहे हर एक सपना
मेहमानों का स्वागत करने में रखते नहीं कमी
ना आए कभी आपके जिंदगी में कोई नमी
खूबसूरती से बनाया अपना आशियां
फूलों की खुशबू की तरह महकी है बगिया
यूं ही जिंदगी आपकी रहे जगमगाती
मानो संग हो जैसे दीया और बाती....।

दोस्तों....आशा करती हूं, शादी के पच्चीस वीं वर्षगांठ पर बनाई हुई यह हिंदी कविता आप सभी को बेहद पसंद आई होगी। आपका रिश्ता बड़ों के आशीर्वाद से  एवं छोटे की शुभकामनाओं से यूं ही फलता-फूलता रहे। आपको अगर मेरी यह कविता अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ भी इस कविता को जरुर शेयर करें। धन्यवाद।


अंधे लोगों पर हिंदी कविता Hindi Poem for Blind Persons

March 26, 2018 Add Comment
जिंदगी में कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनमें जितनी योग्यता होती है, उसका पूरा फायदा उठा कर हर मुश्किलों को पार कर देते हैं। एक बार ट्रेन में सफर करते समय मेरे सामने दो अंधे लोग बैठे थे। उनका  जीवन देखकर मैंने यह कविता उन लोगों पर बनाई  हैं। आंखों की रोशनी नहीं रहने के बाद भी कितने आत्मविश्वास के साथ वे काम कर रहे थे। उनसे हमें यही प्रेरणा मिलती है कि हमें पांच इंद्रियां परिपूर्ण मिली है तो हमने हमारे जीवन में निराशा को क्यों आने देना? साहस और लगन के साथ  हर कार्य  करके सफलता का परछा हम अवश्य लहरा सकते हैं।

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अंधे लोगों पर हिंदी कविता

Hindi Poem for Blind Persons

पांचों इंद्रियों का नहीं मिला है साथ
फिर भी जिंदगी में मानी नहीं हार
भगवान ने जितना दिया उसमें मानो आभार
जीवन में हमेशा आगे बढ़ो यही इसका सार
दृष्टि नहीं मिली तो क्या हुआ
चलना फिरना बोलना तो नसीब हुआ
कितना आत्मविश्वास झलकता है बातों में
तूफानों से लड़ना जीवन की डगर में
हाथों के स्पर्श से हम हर काम कर लेंगे
जी भर के जिंदगी के मजे लूट लेंगे
लगन और मेहनत से करेंगे कोई काम
सुनहरे अक्षरों से लिख पाएंगे अपना नाम
नहीं कोई देखे हमें अब दया हिनता से
लढ़ लगे हम काले घेरे अंधेरों से...।

दोस्तों! आशा है...अंधे लोगों पर बनाई हुई यह हिंदी कविता आप सभी को बेहद पसंद आई होंगी। हमारे स्नेहीजन में जो भी ब्लाइंड पर्सन है उनको आप यह कविता समर्पित करें ताकि उनके जीवन में भी खुशियों की बहार आए और उनका आत्मविश्वास और भी गहरा बनकर अपनी कामयाबी शिखर वह छू ले।

महावीर जन्मकल्याणक जयंती 14 अप्रेल 2022 के उपलक्ष में भगवान महावीर पर बनाई हुई हिंदी कविता Hindi Poem for Lord Mahaveer

March 21, 2018 Add Comment
भारत भूमि अनेक महापुरुषों की लीला स्थली है। जिनमें से महावीर स्वामी की शिक्षाएं 2615 वर्ष से अधिक समय बीत जाने पर भी आज और अधिक प्रासंगिक लगती है। महावीर के सिद्धांतों में नर से नारायण बनने, मानवता से देयत्व की ओर बढ़ने, त्याग, तपस्या, साधना, आराधना से शांति की ओर अग्रसर होने तथा क्षमा, दया और सेवा आदि कई गुणों की प्रेरना मिलती हैं। महावीर इसलिए महावीर नहीं थे कि उन्होंने रण क्षेत्र में बड़े-बड़े  शत्रु को लोहा लेकर उन्हें परास्त किया था। वे इसलिए महावीर बने कि उन्होंने अपने भीतर के शत्रुओं काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर पर विजय प्राप्त की। ऐसे परम पिता भगवान महावीर के जीवन चरित्र पर बनाई हुई स्वरचित कविता आप सभी के साथ शेयर कर रही हूं....

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महावीर जन्मकल्याणक \ जयंती 14 अप्रेल 2022 के उपलक्ष में भगवान महावीर पर बनाई हुई हिंदी कविता

Hindi Poem for Lord Mahaveer / महावीर जन्म कल्याणक / जयंती 14 अप्रैल 2022


 

अज्ञान रुपी अंधकार छाया था जगत में
तब ज्ञान रुपी प्रकाश फैलाया था वीर प्रभु ने
चैत्र सुदी तेरस के दिन जन्म लिया जिनवर
वर्धमान बने जैन धर्म के चौविसवें तीर्थंकर
जन्म लेते ही सभी तरफ चंदन से शीतलता है छाई 
राजा सिद्धार्थ, माता त्रिशला को दे रहे थे सब बधाई 
महावीर की आंखों में बहती थी अमृत धारा
उनके वचनों में प्रकटता था वात्सल्य सारा
भगवान है धीरता, वीरता, गंभीरता के स्वामी
संयमरुपी पथ पर चल कर बने मोक्ष गामी
नयसार के भव में प्राप्त किया समकित
तभी से भगवान के भव की शुरू हुई अंकित
कितने सारे उपत्सर्गों का पहाड़ टूटा था प्रभू पर
जिसे सुनकर हमारा कलेजा कांप उठता है थर-थर
 किसी ने कान में किला डाला, किसी ने कालचक्र फेंक दिया
किसी ने तेजोलेश्या फेकी, तो किसी ने पैर पर डस लिया
परमपिता महावीर उन उपत्सर्गो से नहीं डगमगाए 
क्रोधित चंडकौशिक पर भी अमृत से फूल बरसाए
साढ़े बारह वर्षों तक प्रभु ने की उग्र तपस्या
इस बीच नहीं ली एक घंटे भर की निद्रा
हर पथ पर नुकूले विषैले कांटे थे पड़े
चट्टान के भांति वे अपनी राह पर चल पड़े
अहिंसा के मार्ग पर भगवान ने हमें चलना हैं सिखाया
 "जिओ और जीने दो" का मर्म सरलता से समझाया
 महावीर के उपासक तो तभी हम सब कहलाएंगे
जब उनके सिद्धांत और आदर्श को जीवन में अपनायेंगे।

मेरे साधर्मी भाई-बहनों, आशा है, भगवान महावीर पर बनाई हुई यह कविता आप सभी को बेहद पसंद आई होंगी। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस कविता को पहुंचाने का प्रयास करें ताकि सभी जान सके हमारे परम पिता भगवान महावीर का जीवन कितना गहरा एवं अनुकरणीय था। जय जिनेंद्र !


अवश्य पढ़े :- महावीर स्वामी के जन्म और परिवार के बारे में विशेष जानकारीयां 
                    महावीर भगवान पर हिंदी स्पीच 
                     भगवान महावीर के दीक्षा सम्बन्धी विशेष जानकारीयां  
                     जैन संत पर हिंदी शेरो शायरी 
                     कर्म सिद्धांत को समझनेवाली कुण्डरीक पुण्डरीक की कहानी 
                     कन्या भ्रूण हत्या पर हिंदी निबंध 

जैन धर्म पर हिंदी कविता Hindi Poem on Jain Dharm

January 25, 2018 5 Comments
हमारे  अत्यंत पुण्यवाणी का उदय होता है, जब हमें जैन धर्म में आसन मिलता है। जब अन्य धर्मावलंबी  को देखते हैं, तब हमारे धर्म की अहमियत और भी बढ़ जाती हैं।  भगवान महावीर ने हमें  कितने अच्छे संस्कार दिए हैं। छोटी-छोटी बातें सहजता से बता कर हमारा जीवन ऊंचा उठाया है।  जैन धर्म की क्या महत्ता है,  इसे काव्य पंक्तियों में पिरोने का एक छोटा सा प्रयास मैने किया है, उसे आपके समक्ष रखना चाहती हूं।

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जैन धर्म पर हिंदी कविता

Hindi Poem on Jain Dharm

अनंत पुण्यवाणी से मिला हमें अहिंसा परमो धर्म
पर समझा नहीं हमने जीवन में इसका मर्म
सम्यक ज्ञान, दर्शन, चरित्र है हमारे धर्म के मूल

न जाने क्यों जिसे हम गए हैं भूल
चौवीसों तीर्थंकर ने की अद्भुत दया
बरसाई हम पर जिनवाणी रुपी छत्रछाया
     त्रस स्थावर के साथ समझाया छः काय का स्वरुप
 मोक्ष धाम को पालेंगे बन जाए धर्म के अनुरूप
भावी पीढ़ी पर देंगें जिन धर्म के संस्कार
तभी तो जैनी बनना होगा हमारा साकार
धार्मिक वह नहीं जो बन गया आगमों का ज्ञाता
    बल्कि वह जिसने जोड़ लिया हर पल धर्म से नाता
 श्वेतांबर, दिगंबर है दो हमारे धर्म के पंथ
       आपस में उलझ कर ना कर दे हमारे धर्म का अंत 
                                            थाम कर एक दूसरे का हाथ हमारे धर्म का झंडा लहराना
                                                  जैन धर्म को अब हमें घर-घर हैं पहुंचाना।।


मेरे साधर्मी भाई-बहनों हीरे पन्ने से भी मूल्यवान हमारे  जैन धर्म को समझकर हमें उसका आचरण करने का प्रयास करना चाहिए और जिनशासन को दिपाने का सदैव प्रयास करना चाहिए।

अवश्य पढ़े :- १] जैन तपस्या पर हिंदी स्लोगन
                    २] जैन  तपस्या  पर  हिंदी नाटिका
                    ३] जैन शेरो शायरी 
                   

26 जनवरी 2023/ गणतंत्र दिवस पर बनाई हुई हिंदी कविता Best Hindi Poem on 26 January 2023 / Republic Day 2023

January 22, 2018 Add Comment


26 जनवरी / गणतंत्र दिवस हमें अपनी जवानों की याद दिलाता है, जिन्होंने अपनी जान अपने देश के लिए न्योछावर कर दी। दोस्तों, आज हमें आजादी मिली है, इसलिए हमें इसका इतना महत्व नहीं है। लेकिन सोचिए जब मुंबई में आतंकवादियों ने हमला किया था तब हमारी क्या स्थिति हो गई थी ? आजादी के कीमत को समझ कर, हमें हमेशा अपने देश की रक्षा के लिए प्रयास करना चाहिए। गणतंत्र दिवस पर बनाई हुई मेरी काव्य पंक्तियां आप सभी के साथ शेयर कर रही हूं।


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26 जनवरी 2023 / गणतंत्र दिवस 2023 पर  बनाई हुई हिंदी कविता "संकल्प देश की रक्षा का..."


Best Hindi Poem on 26 January 2023 / Republic Day 2023 "Sankalp Desh ki Raksha Ka..."



लम्बे अरसे के बाद मिले थे आजादी के पल

जिसे हम जीना चाहते है जिंदगी में हर पल

मुट्ठीभर आतंकवादियों ने जब हमला किया था देशपर

तब मैंने गौर किया “स्वातंत्र्य” इस शब्द पर

कुछ लम्हो के लिए हम कितने सहम गये थे

ताज, ओबेरॉय से बाहर निकलने को तरस गये थे

एकसौ पचास साल प्रभुत्व किया जिन्होंने हमपर

देश के जवानों ने किया मुकाबला इनसे डटकर

इन जवानों ने तन-मन-धन अर्पण किया वतन पर

देश को पंहुचा दिया स्वातंत्र्य के शिखर पर

उन्ही के कुर्बानी से हमें स्वतंत्रता है मिली

यह खुशियाँ आज गुंज रही है गली-गली

अगर हमें स्वतंत्रता का स्वाद निरंतर चखना है

आतंकवाद, भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना है

गणतंत्र के दिन हमें करना है यह संकल्प

देश की रक्षा की बिना नही कोई विकल्प

माना की धर्म है अलग अलग हमारे

पर “मानवता” यही संदेश है धर्म का सारे

तो अब हमे सामाजिक एकता को बढ़ाना है

विश्वभर में अपने देश का नाम जगमगाना है। 

दोस्तों ! आशा है, 26 जनवरी / गणतंत्र दिवस पर बनाई हुई यह हिंदी कविता आप सभी को बेहद पसंद आई होगी। गणतंत्र दिवस की आप सभी को ढेर सारी शुभकामनाएं। 

अवश्य पढ़े :- १] गणतंत्र दिवस पर हिंदी शेरो शायरी 
                   २] पापा पर हिंदी कविता 
                   ३]  पनीर चीज पराठा हिंदी रेसिपी  
                     ४] स्वतंत्रता दिन पर हिंदी शायरी 
                      ५]शहीदों पर बनाई हिंदी कवित
                   ६] भ्रष्टाचार पर हिंदी कविता