जैन तपस्या / जैन तप पर शायरी Shayri for Jain Tapasya / Jain Tap

March 15, 2019 Add Comment
मेरे  साधर्मी भाई-बहनों को  जय जिनेंद्र! भगवान ने कर्म निर्जरा के अनेक मार्ग बताएं हैं। दान, शील, तप, भाव इन चारों में तप यह एक उत्तम मार्ग हैं। तपस्या से हम पुराने कर्मों की निर्जरा कर सकते हैं। जैन धर्म में नवकारसी से लेकर मासखमण, वर्षी तप की तपस्या हम अपने शक्ति के अनुसार कर सकते हैं। तो चलिए, अपने तपस्वी भाई-बहनों का गुणगान करते हैं। आज मैं आप सभी के साथ तपस्या पर बनी हिंदी शायरी शेयर कर रही हूँ....

jain-tapasya-shayri


जैन तपस्या / जैन तप पर शायरी

Shayri for Jain Tapasya / Jain Tap


1] तपस्या से कटे कर्म अति भारी,
                           तप के आगे नतमस्तक दुनिया सारी।

2] आओ सब करे तपस्वी का अभिनंदन
                      तपस्वी को तो करते हैं सब नमन
     तप से होती है कर्म निर्जरा
                       कटते हैं भवोभव के बंधन।


   

3] तपस्या की आई है बहार
                         शांति मिलती तप से अपार
     तपस्वी के क्या गायें हम गुणगान
                         तपस्वी से होता है कर्मों का संहार।


अवश्य पढ़े :- आयम्बिल ओली तपस्या की जानकारी 

 4]  पुण्यवाणी का शुभ अवसर आया
                        तपस्या में तन मन लगाया
      रसनेन्द्रिय पर किया विजय
                          दृढ़ता से कर्मों को खपाया।


5] गुरु भगवंतों की कृपा मिली
                       पुण्यवाणी भी खूब खिली
     अंतर में शुभ भावों की माला से
                     तप की आत्म ज्योत जली।


अवश्य पढ़े :-  तपस्या पर नारे / घोषवाक्य

6] तपस्या की भट्टी में जो तप् गया है
                        कुंदन सा वही चमक गया है
     तपस्या ही जीवन है मेरे बंधुओं
                          तपस्या में मानव महा मानव बन गया है।


7] युद्ध भूमि में योद्धा तपे, सूर्य तपे आकाश
                      तपस्वी साधक अंदर से तपे, करें कर्मों का नाश।


8] करो तपस्या, मिटे समस्या ।


9] देखकर आपकी तपरूपी लीना,
                       हम भी चाहते हैं आप जैसा जीना।


10] तप जीवन का श्रोत है,
                       तप जीवन जलती ज्योत है
       तप से होती है कर्म निर्जरा
                       तप मोक्ष मार्ग का स्तोत्र है।


आशा है,  मेरे साधर्मी भाई-बहनों को तपस्या पर बनी हुई यह हिंदी शायरी पसंद आई होगी। आप अपने स्पीच में, एंकरिंग में यह हिंदी शायरी का उपयोग कर सकते हैं। तपस्वी भाई-बहनों के तप की अनुमोदना करें ताकि कभी हम भी तप की श्रंखला में शामिल हो जाए। क्योंकि जैसी भावना हम भाते हैं, रखतें हैं, वैसा ही हमारे साथ घटित होता है। इसलिए हमेशा शुभ भावना में रहे एवं जिनशासन की प्रभावना करते रहे। जय जिनेंद्र!


जैन दीक्षा / दिक्षार्थी / संयम पर शायरी Shayri For Jain Diksha / Diksharthi / Sanyam in Hindi

March 15, 2019 2 Comments
मेरे साधर्मी भाई-बहनों को जय जिनेंद्र ! जैन धर्म में संयम को बहुत ही महत्व है। वास्तव में मणुष्य भव की सफलता संयम में ही है। संयम लेकर ही हम मोक्ष के अव्याबाध सुख को प्राप्त कर सकते हैं। बहुत ही कम ऐसे विरले होते हैं, जो दीक्षा लेकर अपना जीवन ऊंचा उठाते हैं। तो चलिए, ऐसे दीक्षार्थी भाई-बहनों का सत्कार करते हैं, अनुमोदना करते हैं। आज मैं आप सभी के साथ शेयर कर रही हूं, दिक्षा पर बनाई स्वरचित हिंदी शायरी, घोषवाक्य...


जैन दीक्षा / दिक्षार्थी / संयम पर शायरी

Shayri For Jain Diksha / Diksharthi / Sanyam in Hindi


1] वैरागी बहन लेने जा रही है दीक्षा
                     घर-घर पहुंचाएंगी भगवान महावीर की शिक्षा।

2] मिली है आपको गुरु भगवंतो तो की छत्रछाया
                      जिनशासन ने अनमोल एक हीरा है पाया
    आप के समर्पण का कैसे करें हम बखाण
                     जिन धर्म में जिसने अपना भाग्य संवाया।


3] " समयं गोयम मा पमायए " करना सदैव स्मरण
                        संयम की सुवास से महकता रहे यह जीवन।


4] सिंह की तरह दीक्षा लेकर, सिंह की तरह पालना दीक्षा
                        स्मरण रहे सदैव अपने गुरु भगवंतो की  सद्शिक्षा।


5] संयम पथ पर चल रही है वैरागी बहन
                        चलिए सब मिलकर करते उनका अनुमोदन
    जिसने छोड़ दिया है घर संसार
                         ऐसी वैरागी का करते हम जय जयकार।

6] संयम पथ पर चलकर कर रहे धर्मराधना
                        दृढ़ता से पालना अपनी संयम साधना।

7] भगवान के तीर्थ को कर रहे हो दीपायमान
                       बढ़ा रहे हो आप जिन शासन की शान
    अष्ट कर्मों को खपाने करना पुरुषार्थ अपार
                         कि जल्दी मिल जाए मोक्ष रूपी धाम।


8] संयम लेना ही है मनुष्य भव का सार
                        कराता है  संयम हमें भवोभव पार
     कैसे गायें हम इस का गुणगान
                         त्रिलोक में होती है जय जयकार।


9] पुण्यवाणी की प्रभा खिल रही चहूँ ओर
                         दीक्षार्थी बढ़ रहे हैं संयम पथ की ओर
    घर-परिवार, संपत्ति का कर दिया त्याग
                         महावीर की पाठशाला में कर्म खपाने लगाएंगे जोर।


10] यौवन में ही संयम धारा
                            जैन धर्म में चमका सितारा
      संयम के कटीले मार्ग पर किया प्रयाण
                             नतमस्तक है जीवन हमारा।


आशा है, मेरे सभी साधर्मी भाई-बहनों को वैरागी भाई-बहन पर, दीक्षा पर बनाई हुई हिंदी शायरी पसंद आई होगी। आप इन शायरी का यूज दीक्षार्थी भाई बहनों के अनुमोदना के लिए बैनर पर भी कर सकते हैं। अभी तो हममें दीक्षा लेने की योग्यता नहीं है, लेकिन दीक्षार्थी भाई बहनों का स्वागत, सत्कार करके, उनकी अनुमोदना करके, उनके प्रति अहोभाव रख के, हमारे महान कर्मों की निर्जरा हो सकती हैं। अगर आपको यह शायरी पसंद आई होगी तो कमेंट करके, अपने साधर्मी भाई-बहनों के साथ भी जरूर शेयर करें।

मेरा आदर्श गांव निबंध / भाषण Speech / Essay on My Ideal Village / Gaon in Hindi

March 03, 2019 2 Comments
हमारा भारत देश जिसे सोने की चिड़िया कहा जाता  है। जिसकी खूबसूरती हर किसी को लुभाती है। जहां की हर एक बात निराली है। तो चलिए ,हमारे देश की खूबसूरती बयां करने के लिए आज मैं आप सभी के साथ मेरा आदर्श गांव पर हिंदी निबंध / भाषण शेयर कर रही हूं ...


मेरा आदर्श गांव निबंध / भाषण

Speech / Essay on My Ideal Village / Gaon in Hindi

                          पहाड़ों के बीच बसा हुआ चांदवड ग्राम। इस मार्ग में आने-जाने वाले सभी लोगों का ध्यान अपनी तरफ केंद्रित कर लेता है। ये सहयाद्री सप्तरंगी पहाड़ हमें इशारा कर रही है कि अब हम चांदवड तालुका में प्रवेश कर रहे हैं। लगता हैं, हरियाली ओढ़कर सजधज के यह पहाड़ हमारे स्वागत में खड़े हैं। वाकई में यह हमारी पुण्यवाणी है, जो हमें चांदवड़ जैसे ऐतिहासिक गांव में रहने का अवसर मिला है। बरसात में इतना खूबसूरत मौसम रहता है कि वह देखने के बाद कोई हिल स्टेशन जाने की जरूरत महसूस नहीं होती। चांदवड के हर मौसम का हर रंग सुहावना लगता है।

                        चांदवड गांव में प्रवेश करते ही कोरीव काम से बनी हुई बड़ी सारी कमान हमारे स्वागत में आज भी नतमस्तक है। रंगमहाल को देखने लोग आज भी तरसते हैं। जागृत चंद्रेश्वरी, रेणुका माता मंदिर, इच्छापूर्ति गणपति मंदिर, चोवीस तीर्थंकर मंदिर आदि मानो भक्तों को वरदहस्त दे रहे हैं। यहां का नेमिनाथ गुरुकुल, होलकर हायस्कूल आदि कई सारी पाठशालाएं न जाने कितने ही शिष्य का जीवन बना रही हैं। शहरों में भी इतनी कॉलेजेस नहीं होंगे, इतने सारे महाविद्यालय हमारे चांदवड का केंद्रबिंदू नेमीनाथ गुरूकुल में है। जहां पर दूर-दूर से शिष्य पढ़ने आते हैं। यहां का अनुशासन सबको लुभाता है।

                       चांद भी फीका कर दे, ऐसी कई सारी खूबसूरतीयाँ हमारे चांदवड में बसी है, बस उसे और निखारने की जरूरत है। शुरूआत करते हैं, पहाड़ो से.. पहाड़ो से बहता हुआ वह निश्चल झरने का पानी अगर हम संभाल कर रखें, तो पानी की कमी कभी महसूस नहीं होगी। इस विज्ञान युग में बहुत सारी तकनीके निकली है, अगर इनका प्रयोग कर हम बहुत पानी को समेट ले तो हमारे चांदवड के कृषि विभाग,  व्यवसाय विभाग के साथ चांदवड का नक्शा ही बदल जाएगा। चांदवड की हर क्षेत्र में तरक्की होगी। धरती पर बिखरा हुआ अनाज, मीठे मीठे रसभरे फल, खूबसूरत फूलों से हमारा चांदवड और भी शोभायमान होगा।


                    इतिहास गवाह करने वाले हमारे कमान, रंगमहाल को अच्छे से हम देखभाल करने का ठान ले तो चांदवड को चार चांद लग जाएंगे। बहुत ही कम गांव में ऐसे ऐतिहासिक स्थल हमें देखने के लिए मिलते हैं। हमारे पूर्वजों की धरोहर इन ऐतिहासिक  स्थलों की हम सार संभाल करेंगे तो वह एक पर्यटक स्थल बन जाएगा। जैसे लोग यहां पर माता के दर्शन करने आते हैं, उसी तरह वे रंगमहाल भी देखने आने लगे तो हमारा आर्थिक विकास भी बढ़ेगा। हमारे चांदवड की विशेषताएं दूर दूर तक फैल जाएंगी। हमे हमारे चांदवड तालुके का राजनैतिक स्तर भी ऊंचा करना पड़ेगा। जहां तन-मन-धन से न्योछावर करने वाले ऐसे युवाओं का संगठन बनाना चाहिए, जो हमारे गांव का सही मायने में विकास करें। हमारे बुजुर्गों का अनुभव सुनकर हम ऐसे नियम बनाए, जिससे उन्नति के शिखर पर हम बढ़ते चले जाए। गरीबों का इलाज करने के लिए सरकारी अस्पतालों में ऐसी व्यवस्था हो की जल्द ही सबकी शारीरिक, मानसिक बीमारी दूर हो जाये।बस स्टैंड में भी बस की बढ़ोतरी होनी चाहिए क्योंकि बहुत सारे बाहर गांव के छात्र चांदवड में पढ़ने के लिए आते हैं। एक रेलवे स्टेशन बनाने का प्रस्ताव हमें जरूर रेलमंत्री को देना चाहिए ताकि जिससे हमारे गांव के लोगों को सुविधा मिले। रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो।

                  सबसे महत्वपूर्ण हमारे तालुके का कृषि विभाग! हमारे गांव का पानी का स्तर बढ़ाना चाहिए, नए-नए तकनीकों की जानकारी सभी किसानों तक पहुचांनी जानी चाहिए, ताकि उसका फायदा लेकर हम कम समय में ज्यादा उत्पादन बढ़ा सके। पिंपलगांव को जैसे मिनी सिंगापुर कहां जाता है, वैसे ही हमें भी मिनी दुबई कहां जाना चाहिए। कई सारे छोटे-छोटे व्यवसाय को हम चांदवड में रहकर ही आगे बढ़ाएं,  जिससे हमारे जन्मभूमि-कर्मभूमि से हम जुड़े  रहेंगे। स्वच्छता अभियान के तहत हमारे चांदवड तालुका को स्वच्छ बनाने का निर्णय हम सभी ने लेना चाहिए और इसकी शुरूआत स्वयं से करनी चाहिए। हमारे गांव की सड़कों की मरम्मत कर लेनी चाहिए। ताकि किसी को असुविधा ना हो।

                      इस तरह हमारा चांदवड तालुका प्रकृति की गोद में पलता हुआ, सभी नई तकनीकों को अपनाकर एक आदर्श गांव बने। हमारे चांदवड के पुरातन को युगानुकल बनाकर, हरियाली भरे वातावरण में परिवार भाव से रहता हुआ, जनसमूह बने। जहां पर प्राकृतिक हर सुविधा घर-घर तक पहुंचे और शहर के लोग हमारे शांत, निश्छल, खुबसूरत तालुका चांदवड में आने के लिए तरसे... ऐसा हो मेरे सपनों का चांदवड...मेरा आदर्श गाँव चांदवड...।


 दोस्तों! आशा है, मेरा आदर्श गांव पर बनाया हुआ यह हिंदी निबंध / भाषण आप सभी को पसंद आया होगा। वाकई में अपने गांव को आदर्श बनाने में  हम सभी की अहम भूमिका होनी चाहिए। तभी हमारा गांव / शहर आदर्श के सूची में आएगा। अगर हर गांव शहर अपने आप को बेहतर बनाने का प्रयास करें तो हमारे देश का विकास होगा एवं देश सर्वोत्तम देश की सूची में आएगा। तो चलिए, देर किस बात की शुरुआत करते हैं...

महिला दिन २०१९ पर हिंदी शायरी Hindi Shayari on Women's Day 2019

March 01, 2019 1 Comment
नारी के कई सारे रुप  हमें देखने के लिए मिलते हैं।  जो अपना हर व्यक्तिमत्व बखूबी निभाती हैं। नारी अपने आप को भूलकर, अपना दर्द भूलकर, अपने परिवार के लिए मुस्कुराकर, हर कार्य बड़े ही शालीनता से पूर्ण करती  हैं। आज हर क्षेत्र में नारी ने एक अपना अस्तित्व पाया ,ऐसे नारी का गुणगान, मैं अपने कुछ शायरी के द्वारा आपके समक्ष रख रही हूं; जिसे आप महिला दिन के अवसर पर अपने सभी साथियों के साथ शेयर कर सकते हैं... 
womens-day-shayri-in hindi

महिला दिन २०१९ पर हिंदी शायरी

Hindi  Shayari on Women's Day 2019

१] ममता की मूरत, प्रेम स्नेह की सद्भावना
                        महिला दिन की सबको हार्दिक शुभकामना!

२] नारी है इस सृष्टि की गौरवमयी विभूति
                       जो परिवार का सारा दुख है हरती
     उसके बलिदानों की क्या गायें गौरव-गाथा
                       जीवन का हर ख्वाब जो हंसते हंसते संजोती।


३] सावित्रीबाई, जीजामाता ,झांसी की रानी थी मर्दानी
                         इतिहास के पन्नों पर लिख दी थी कहानी
     अद्भुत था जिनका शौर्य और पराक्रम
                        भारत मां के चरणों में छोड़ गए जो निशानी।


अवश्य पढ़े :- 'आज की नारी' हिंदी कविता

४] नारी से दमकती है हर कायनात
                        जिसकी निराली है हर बात
     ममता की जो है साक्षात मूरत
                         हर किसी को देती है जो सच्चा साथ।


५] प्राणों की आहुति देकर जो वतन के लिए मिट गई
                         जिंदगी जीने का जो हर सबक सिखला गई
     नारी के गुणगान करने के लिए शब्द पड़ रहे हैं कम
                          जो इतिहास के पन्नों पर याद बनकर रह गई ।

 


६] नारी तू कर ऐसा काम
                सब मिलकर ले तुम्हारा नाम
     जगा ले ऐसा आत्मविश्वास
                 बढ़ जाए भारत देश की शान।

 
७] नारी से ही सृष्टि उजागर
                करती है जो दुखों का संहार
      नारी तुम्हारे समर्पण से
                जीवन में आई है बहार।



अवश्य पढ़े :- महिला दिन पर हिंदी कविता


८] नारी से चमकता है घर परिवार
                        देती है जो अपने बच्चों को संस्कार
    कैसे करें हम एक नारी का व्यक्तिमत्व बंया
                       हर दिल का सपना करती है जो साकार।


दोस्तों! आशा है, महिला दिन पर बनाई हुई यह हिंदी शायरी आप सभी को पसंद आई होगी। अपने परिजन, दोस्तों के साथ महिला दिन पर बनाई हुई यह शायरी जरूर शेयर करें और एक नारी का सम्मान करें। ताकि उसका आत्मविश्वास जग जाए,  जिंदगी जीने का हौसला उसका और बुलंद हो जाए।  महिला दिन की मेरे सभी सखियों को हार्दिक शुभकामनाएं...।

दिवाली २०१८ पर शायरी, व्हाट्सएप मैसेजेस, स्टेटस Best Shayri, Whatsapp Messages, Status on Diwali 2018 in Hindi

November 01, 2018 8 Comments
हमारे भारत देश मे हम ढ़ेर सारे त्यौहार मनाते है। उन्हीं मे से सबसे प्यारा त्योहार है दिवाली ! हम सभी पारिवारिकजन मिलकर इस त्योहार को मनाकर खुशियां बांटते हैं। दिवाली त्योहार विजय पर्व का त्योहार है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता हैं। दिवाली में हम सभी एक दूजे को शुभकामनाएं देकर इस त्योहार को प्यार से मनाते हैं। तो चलिए, आज मैं आप सभी के साथ दिवाली पर बनाई हुई शायरी शेयर कर रही हूं।
shayri-whatsapp-messages-status-on-diwali

दिवाली २०१८  पर शायरी, व्हाट्सएप मैसेजेस, स्टेटस

Best Shayri, Whatsapp Messages, Status on Diwali 2018  in Hindi


◆ अंधकार से प्रकाश की ओर हम आए
                     ज्ञान का दीपक जीवनभर जलाएं
     घर-घर खुशियों की माला बन जाए
                     ऐसा दिवाली त्योहार हम मनाएं।

◆ आया है दीपावली का त्योहार अनोखा
                    लाया है सबके लिए खुशियों का झरोखा।


 जरूर पढ़े :- दिवाली पर हिंदी कविता

◆ मिटे अंधकार की घणघौर कालीमा
                 दिवाली लाए ज्ञान रूपी प्रकाश की स्वर्ण लालिमा।


◆ दिवाली की पावन बेला में दिल दीपक टूटे नहीं
                      स्नेह प्यार का घी जीवन में कभी घटे नहीं
     स्वर्ण सी उज्ज्वल बत्ती रहे सदैव प्रज्वलित
                      मिल कर रहे हम सब, कोई किसी से उठे नहीं।


◆ आया है प्यारा दिवाली त्योहार
                       लाया है सबके लिए खुशियां-प्यार
    जगमगाती रोशनी की तरह जीवन चमके अपार
                      फूलों की खुशबूसी आए जिंदगी में बहार।

 
◆ रंगोली की तरह जीवन को सजाएं
                    रोशनी की भांती जिंदगी दमकाएं
    दिवाली की है यही शुभकामनाएं
                   सुख समृद्धि सा गुलदस्ता महकाएं।


◆ दिवाली का त्योहार है आया
                  विजय पर्व का संदेश लाया
     हमसे रूठे घोर अंधकार
                 प्रेम रूपी प्रकाश हैं लाया।


◆ भारत को कहते हैं त्योहारों की भूमि
                    मानो त्यौहार मनाया हो अभी-अभी
     आया फिर से एक प्यारा त्योहार दिवाली
                    जिसे मना रहे हैं मिलकर हम सभी।


दोस्तों ! आशा हैं,  दिवाली पर बनाई हुई मेरी यह शायरी आप सभी को पसंद आई होंगी। आप सभी के साथ यह शायरी, व्हाट्सएप मैसेजेस, स्टेटस शेयर करें और अपनों को शुभकामनाएं देकर अपनी दिवाली यादगार बनाएं। आप सभी को दिवाली की स्वर्णिम शुभकामनाएं। आपके जीवन में यह दीपावली त्यौहार ढेर सारी खुशियां लेकर आए, यही भगवान से प्रार्थना करती हूं।