मारवाड़ी उखाना Marwari Ukhana

September 22, 2017
 किसी भी धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रम में उखाना लेना हमारी परंपरराये है. उखाने लेते वक्त जब कोई स्त्री अपने पति का नाम लेती है तब  चेहरे और आँखों में  शर्म रहती है,वो देखने लायक होती है. यहाँ पर कुछ मारवाड़ी उखाणे प्रस्तुत है...

marwari-ukhane
   

 मारवाड़ी उखाना 

Marwari Ukhana


◆......म्हारो पीर.....म्हारो सासरो 
         ......जी म्हारो जीवन को आसरो।


◆ बिनायक जी मंड्या ब्याव में लियो कलश में हाथ   
       जीवन में सुहानो लागे म्हणे.... रो साथ। 


◆बाजरी की रोटी साथे केर सांगरया रो साग
         ..... म्हणे मिल्या धन्य म्हारो भाग।


◆ ब्यावरा दिन लिया फिर सात
           ........ सुनो म्हारा मन री बात।


◆ लाल खूटी पीली खूटी बिच में बैंगनियारों भारो    
   आगे सर को..... जी आधो पलंग म्हारों।


आशा है, दोस्तों आपको ये मारवाड़ी उखाणे जरूर पसंद आये होंगे।  अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे।
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2 comments

  1. Best ukhane hai.. mujhe or marwari ukhane chaiye the

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  2. Pati ke liye do na ukhane

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